जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और ओबीसी का जाति कॉलम जोड़ने की मांग

उमेश कुमार सिंह
By -
0
म्योरपुर।
जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का अलग जाति कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान की ओर से बीडीओ म्योरपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। इस दौरान विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि 1961 से पहले की जनगणना में आदिवासी धर्म कोड का प्रावधान था, जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया। आदिवासी संगठनों की ओर से लंबे समय से उनकी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप अलग धर्म कोड शामिल करने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को गृह मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र में जाति कॉलम में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया है। इसे संसद में जातिगत जनगणना और ओबीसी कॉलम शामिल करने की घोषणा के विपरीत बताते हुए राजपत्र में संशोधन की मांग की गई। ज्ञापन में अति पिछड़ा वर्ग की आर्थिक-सामाजिक स्थिति की भी गणना कराने, न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग की रिपोर्ट संसद में रखने और ओबीसी आरक्षण में अति पिछड़ा वर्ग का अलग कोटा निर्धारित करने की मांग की गई। इस मौके पर आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, आदिवासी वनवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोंड, तुलसीराम पनिका, मंगरू प्रसाद श्याम, रामविचार गोंड आदि मौजूद रहे।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
5/related/default