डिबुलगंज में स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं का जोरदार धरना-प्रदर्शन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग
अनपरा, सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के अनपरा नगर स्थित डिबुलगंज क्षेत्र में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले महिलाओं ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित महिलाओं ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटर हटाने, पुराने पोस्टपेड बिजली मीटर बहाल करने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था गरीब, मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए गंभीर आर्थिक बोझ बनती जा रही है। उनका कहना था कि यह व्यवस्था आम जनता की सुविधा के बजाय उनके लिए नई परेशानियों का कारण बन रही है।
कंचन सिंह ने स्मार्ट मीटर को बताया आम जनता के लिए “धोखा”
प्रदर्शन में शामिल अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की कार्यकर्ता कंचन सिंह ने कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता के लिए एक बड़ा धोखा है। उन्होंने बताया कि पहले पोस्टपेड बिजली मीटर में उपभोक्ता बिजली उपयोग करने के बाद बिल जमा करते थे, जिससे उन्हें भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था।
लेकिन अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को पहले से ही बिजली का रिचार्ज कराना पड़ता है। यदि बैलेंस समाप्त हो जाए तो बिजली आपूर्ति तत्काल बंद हो सकती है, जिससे परिवारों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
गरीब और मजदूर परिवारों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
कंचन सिंह ने कहा कि निम्न आय वर्ग के अधिकांश परिवार दैनिक मजदूरी या सीमित आय पर निर्भर हैं। ऐसे परिवारों के लिए बार-बार बिजली रिचार्ज कराना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं से जूझ रही महिलाओं पर अब बिजली भुगतान का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। इसका सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।
बिजली कटने का बना रहता है डर
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली कट जाने का डर हमेशा बना रहता है। इससे बच्चों की पढ़ाई, पानी की व्यवस्था, पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक घरेलू उपकरणों के संचालन पर असर पड़ता है।
भीषण गर्मी के दौरान यह चिंता और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि बिजली बाधित होने से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
दो प्रमुख मांगें रखीं
धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपनी दो मुख्य मांगें स्पष्ट रूप से सामने रखीं:
घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए।
स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने पोस्टपेड बिजली मीटर पुनः लगाए जाएं।
महिलाओं का कहना था कि इन मांगों को लागू करने से आम परिवारों को राहत मिलेगी और बिजली व्यवस्था अधिक जनहितकारी बनेगी।
भीषण गर्मी में बिजली कटौती पर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश में जारी भीषण गर्मी के बीच हो रही बिजली कटौती पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अग्रिम भुगतान लेने के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल रही, जिससे आम जनता परेशान है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। महिलाओं ने कहा कि जिला और प्रदेश स्तर पर धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का समर्थन
प्रदर्शन को स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती जैसे मुद्दों पर सरकार को आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
स्मार्ट मीटर पर बढ़ती बहस
स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर देशभर में बहस जारी है। जहां सरकार इसे तकनीकी रूप से उन्नत और पारदर्शी प्रणाली बताती है, वहीं कई उपभोक्ता संगठन इसे आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाला कदम मानते हैं। डिबुलगंज में हुआ यह प्रदर्शन इसी जनचिंता का स्पष्ट संकेत है।
निष्कर्ष
सोनभद्र के डिबुलगंज में महिलाओं द्वारा किया गया यह जोरदार प्रदर्शन स्मार्ट मीटर और बिजली व्यवस्था को लेकर बढ़ती असंतुष्टि को उजागर करता है। 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पुराने पोस्टपेड मीटर बहाल करने की मांग ने इस मुद्दे को क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं में शामिल कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं।

